रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। ये फैसले किसानों, वनोपज संग्राहकों, उद्योग, पुलिस प्रशासन और राज्य की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ करने वाले हैं।
मंत्रिपरिषद ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदी के लिए वर्ष 2026 हेतु ऋण लेने पर राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति प्रदान की। साथ ही कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण और बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
गैर-राष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए लघु वनोपज संघ को एक बार के लिए 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का फैसला किया गया।
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम से जुड़े ऋणों को लेकर बड़ा निर्णय लिया। इसके तहत 55.69 करोड़ रुपये का भुगतान कर पांच राष्ट्रीय निगमों से लिया गया पूरा कर्ज चुकाने का अनुमोदन किया गया। इससे राज्य शासन पर सालाना लगभग 2.40 करोड़ रुपये के ब्याज व्यय की बचत होगी और 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी।
कैबिनेट ने उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति क्विंटल करने का निर्णय लिया। साथ ही मिलरों के लिए पात्रता अवधि को न्यूनतम 3 माह से घटाकर 2 माह कर दिया गया है।
औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन को मंजूरी दी गई है, जिससे निवेश की गुणवत्ता बढ़ेगी, स्थायी रोजगार सृजन होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
मंत्रिपरिषद ने 20 जनवरी से 5 फरवरी तक साइंस कॉलेज ग्राउंड, रायपुर में आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया है। यह छूट वाहन पंजीकरण के समय लागू होगी और पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को इसका लाभ मिलेगा।
धान उपार्जन और परिवहन से जुड़ी कस्टम मिलिंग प्रक्रिया में राहत देते हुए राइस मिलर्स की बैंक गारंटी पर देय स्टाम्प शुल्क को 0.25 प्रतिशत से घटाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया है।
इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने पुलिस मुख्यालय नवा रायपुर अटल नगर में विशेष
कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक नया पद (वेतन मैट्रिक्स लेवल-14) एक वर्ष की अवधि के लिए सृजित करने की स्वीकृति दी है। साथ ही रायपुर महानगरीय पुलिस जिले में पुलिस आयुक्त प्रणाली को 23 जनवरी से लागू करने का निर्णय लिया गया है।
इन फैसलों से राज्य में प्रशासनिक मजबूती, आर्थिक अनुशासन, निवेश प्रोत्साहन और जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।