24.8 C
Raipur
Friday, July 17, 2026
Homeछत्तीसगढ़सरकारी निर्माण कार्यों पर संकट: डामर और टाइल्स की कमी से काम...

सरकारी निर्माण कार्यों पर संकट: डामर और टाइल्स की कमी से काम ठप होने की स्थिति, 10 अप्रैल को ठेकेदारों की अहम बैठक

Date:

Related stories

छत्तीसगढ़ को मिले 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेज, 250 MBBS सीटों को मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय...

रायपुर. ईरान युद्ध का असर सबसे अ​धिक सरकारी निर्माण कार्यों पर पड़ता हुआ दिख रहा है। टेंडर स्वीकृति के बाद से निर्माण सामग्री का रेट तेजी से बढ़ने के कारण कार्य ठप होने के कगार पर है। क्योंकि डामर और टायल्स की किल्लत छत्तीसगढ़ में ज्यादा है। ऐसे में प्रदेशभर के ठेकेदार पीडब्ल्यूडी और पीएम सड़क योजना से बनने वाले सड़कों का काम बंद करने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि डामर क्रूड ऑयल से बनती है, जिसकी कीमत 50 हजार टन से अब 84 हजार टन तक पहुंच गई है। वहीं गैस की कमी के कारण टाइल्स को लेकर भी किल्लत की ​िस्थति है। ऐसे में दोहरी मार पड़ने से छत्तीसग़ढ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन ने 10 अप्रैल को अपनी कोर कमेटी की बैठक में निर्माण बंद कर देने का बड़ा ऐलान कर सकता है।

इस समय राजधानी सहित प्रदेश में करोड़ों रुपए के निर्माण कार्य चल रहे हैं। गर्मी के सीजन में ही सबसे अ​धिक डामरीकरण के कार्य होते हैं। वहीं सरकारी भवनों का काम भी प्रभावित हो रहा है। जबकि टेंडर स्वीकृति के दौरान निर्माण सामग्री के रेट सामान्य था, लेकिन हर चीज में 20 से 25 प्रतिशत तक तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में निर्माण कार्य कराना संभव नहीं हो पा रहा है। सड़कों का डामरीकरण ठप होने के कगार पर है, क्योंकि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर काफी प्रभावित हुआ है। लोहा की कीमत बढ़ने से ओवरब्रिज और अंडरब्रिज का निर्माण पूरा कराने में दिक्कत है। इसका सीधा असर निर्माण कार्यों को समय पर पूरा कराने के साथ ही ठेकेदारों के आ​र्थिक ​िस्थति पर पड़ रहा है। ऐसे में सभी निर्माण कार्यों की निविदाएं जो स्वीकृत की जा चुकी हैं, उन सभी का रेट रिवाइज करने की जरूरत हैं। इस संबंध में राज्य शासन से गुहार लगाने की तैयारी की जा रही है।

कोर कमेटी की बैठक में होगा फैसला
छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बीरेश शुक्ला के अनुसार सरकारी निर्माण कार्यों के टेंडर दरों की अपेक्षा सामग्रियों के रेट काफी बढ़े हैं। सड़क बनाने वाले ठेकेदारों को डामर का स्टॉक नहीं मिल रहा है। ऐसी ​िस्थति में एसोसिएशन की कोर कमेटी की बैठक 10 अप्रैल को आहूत किया है, जिसमें प्रदेशभर से ठेकेदार शामिल होंगे। बैठक में सुझाव और विस्तृत चर्चा करने के बाद फैसला लेंगे।

कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी एक नजर में
सामग्री पहले और अब
स्टील 5500 ​क्विं 65 00 ​क्विं
सीमेंट 260 रु. बोरी 290 रु. बोरी
डामर 50 हजार टन 84 हजार टन
एल्मुनियम पार्ट 320 रु. किलो 435 रु. किलो
गिट्टी 22 रु. फीट 40-42 रु. फीट

- Browse free from up to 5 devices at once

Latest stories