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Thursday, July 16, 2026
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नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं को मिलेगा नया अधिकार, 21वीं सदी का ऐतिहासिक निर्णय : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय...

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित नारी शक्ति वंदन महासम्मेलन में शामिल हुए और कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 का पारित होना देश की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक कदम है, जिससे निर्णय प्रक्रिया में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति का अभिनंदन करते हुए कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में नारी का स्थान सर्वोच्च है। हम भगवान से पहले भगवती की पूजा करते हैं। ऐश्वर्य के लिए माता लक्ष्मी, बुद्धि के लिए सरस्वती और शक्ति के लिए दुर्गा की आराधना की जाती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देने के प्रयास पहले भी हुए, लेकिन इसे प्रभावी रूप से लागू करने का साहसिक निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव हो पाया।
उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यकाल में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ और ‘महतारी वंदन योजना’ जैसी पहलों ने महिलाओं के सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है और महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, जिससे वे शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है और प्रदेश विकास के नए मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को नया संबल मिलेगा। कार्यक्रम में “पंचायत से पार्लियामेंट तक निर्णय में नारी—नए भारत की तैयारी” के संकल्प को दोहराया गया।
उन्होंने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में पहले से ही 14 लाख से अधिक महिलाएं सक्रिय भूमिका निभा रही हैं, जो उनके बढ़ते आत्मविश्वास का प्रमाण है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुष्प भेंट कर महिलाओं का अभिनंदन करते हुए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं की इच्छाशक्ति और संकल्प उन्हें बड़े निर्णय लेने में सक्षम बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को जिम्मेदारी मिले तो वे देश की तस्वीर बदल सकती हैं। वहीं पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय ने बताया कि यह अधिनियम वर्ष 2029 तक लागू होगा, जिसके तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
इस अवसर पर सांसद रूपकुमारी चौधरी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पद्मश्री ऊषा बारले, विधायक पुरंदर मिश्रा, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी नीता डोंगरे सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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