रायपुर: छत्तीसगढ़ के चर्चित भारतमाला परियोजना घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताजा कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सोमवार सुबह ED ने धमतरी जिले के कुरुद में पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई भूपेंद्र चंद्राकर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की। इसके साथ ही जमीन कारोबारी गोपाल गांधी और उनसे जुड़े स्थानों को भी जांच के दायरे में लिया गया।
जानकारी के अनुसार, सुबह-सुबह पहुंची टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाकर दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की। आरोप है कि अभनपुर, दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव और मगरलोड जैसे क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण और मुआवजा वितरण में भारी अनियमितताएं हुई हैं। इस पूरे मामले में करीब 500 करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाले की आशंका जताई जा रही है।
इस बीच, दीपक बैज ने ED की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एजेंसी “देर से आई लेकिन दुरुस्त आई है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भारतमाला परियोजना में बड़ा घोटाला हुआ है और इसमें “कई बड़े लोग शामिल हैं।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कुछ प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
ED इससे पहले भी राज्य के कई जिलों में छापेमारी कर चुकी है और करोड़ों की संपत्ति अटैच कर चुकी है। ताजा कार्रवाई के बाद अब इस बात पर नजरें टिकी हैं कि जांच एजेंसियां आगे किन बड़े नामों तक पहुंचती हैं और क्या इस मामले में और बड़े खुलासे सामने आते हैं।