रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लागू किया गया है। अब राज्य में किसी भी दोपहिया वाहन पर सफर करते समय चालक के साथ-साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। यह नियम 4 वर्ष से अधिक उम्र के सभी सवारों पर लागू रहेगा।
परिवहन विभाग ने मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 129 के तहत इस व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। साफ कहा गया है कि बिना हेलमेट पाए जाने पर मौके पर ही चालान किया जाएगा और किसी तरह की रियायत नहीं दी जाएगी।
डीलर्स पर भी सख्ती
अब दोपहिया वाहन खरीदने वालों के लिए भी नियम बदल गया है। वाहन डिलीवरी के समय डीलर को BIS मानक हेलमेट देना अनिवार्य होगा। बिना हेलमेट के वाहन की डिलीवरी नहीं की जा सकेगी, जिससे शुरुआत से ही सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
राज्यभर में अभियान
नियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरे प्रदेश में सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से चेकिंग करेंगे। इसके साथ ही आम लोगों को हेलमेट पहनने के फायदे समझाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे।
क्यों लिया गया फैसला?
सरकार का मानना है कि सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें सिर में चोट लगने की वजह से होती हैं। ऐसे में हेलमेट पहनना जीवनरक्षक साबित हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, क्योंकि यह सिर्फ कानून नहीं बल्कि उनकी अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी है।