दिल्ली। नीट पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफे की खबर सामने आते ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रदर्शनकारियों ने इसे छात्रों के लंबे संघर्ष और जनदबाव की बड़ी जीत बताया।

जंतर-मंतर पर मौजूद छात्रों ने एक-दूसरे को बधाई दी, नारे लगाए और इस फैसले का स्वागत किया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा कि सरकार लगातार कह रही थी कि इस्तीफा नहीं होगा, लेकिन आखिरकार छात्रों की एकजुटता और देशभर में चले आंदोलन के आगे सरकार को झुकना पड़ा।
अभिजीत दीपके ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का इस्तीफा नहीं, बल्कि देश के लाखों छात्रों की आवाज़ की जीत है। उन्होंने कहा कि आंदोलन आगे भी छात्रों के हितों और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर जारी रहेगा।
इस्तीफे के बाद देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है। विपक्षी दल इसे छात्रों के आंदोलन की जीत बता रहे हैं, जबकि सत्तापक्ष की ओर से अभी विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।