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Saturday, October 10, 2026
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विष्णु भैया’ का घर बना बहनों का मायका, मुख्यमंत्री निवास में उल्लास से मना तीजा-पोरा तिहार

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रायपुर। नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में शनिवार को तीजा-पोरा तिहार का आयोजन उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ किया गया। प्रदेशभर से पहुंचीं माताओं, बहनों और बेटियों के स्वागत के लिए मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी गांव और मायके की थीम पर सजाया गया। बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, लोक शिल्प और ग्रामीण परिवेश के बीच फुगड़ी, रस्साकशी, कुर्सी दौड़, मेहंदी और झूलों ने उत्सव का माहौल बनाया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने माताओं-बहनों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में तीजा पर बेटियों और बहनों के मायके आने की परंपरा है। आज प्रदेशभर से बहनें उनके घर आई हैं, इसलिए मुख्यमंत्री निवास आज सभी बहनों का मायका है। उन्होंने कहा कि अपने भाई के घर बहनों का आना उनके लिए सौभाग्य और आनंद की बात है।

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की माताओं-बहनों सहित सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि तीजा-पोरा छत्तीसगढ़ की माटी, परिवार, रिश्तों, खेती-किसानी, पशुधन और लोकजीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है।

‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान का शुभारंभ

तीजा-पोरा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशव्यापी ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने अभियान के लोगो का विमोचन करते हुए कहा कि मुनगा पोषक तत्वों और आवश्यक मिनरल्स से भरपूर है। उन्होंने प्रदेशवासियों से घरों और आसपास मुनगा लगाने तथा इसके पोषण गुणों को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।

राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का भी शुभारंभ किया। उन्होंने पोस्टर का विमोचन कर माताओं-बहनों को सुपोषण की शपथ दिलाई और सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक प्रदेशभर में पोषण माह आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और परिवारों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

बच्चों का अन्नप्राशन कराया

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नन्हे बच्चों को अपने हाथों से खीर खिलाकर अन्नप्राशन संस्कार कराया। उन्होंने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए उनके स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान उन्होंने बच्चों की माताओं से भी संवाद किया और उनके स्वास्थ्य एवं पोषण की जानकारी ली।

महतारी वंदन की 31 किस्तों में 20 हजार करोड़ से अधिक की राशि

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को हर महीने एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 31 किस्तों के माध्यम से 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाई जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि महिलाएं इस राशि का उपयोग बच्चों के भविष्य, आजीविका और छोटे व्यवसायों के लिए कर रही हैं। कई महिलाएं सिलाई मशीन खरीदकर, सब्जी-भाजी, किराना दुकान और अन्य छोटे व्यवसायों के जरिए परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।

13 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 13 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जबकि लक्ष्य 8 लाख महिलाओं का था। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब डीलर दीदी, रानी मिस्त्री और ड्रोन दीदी के रूप में भी अपनी पहचान बना रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कई ड्रोन दीदियां आधुनिक तकनीक के जरिए एक दिन में 20 से 25 एकड़ तक खेतों में छिड़काव कर करीब सात हजार रुपए तक की आय अर्जित कर रही हैं।

महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री पर छूट

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को संपत्ति में स्वामित्व देने के लिए भी राज्य सरकार काम कर रही है। महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत और स्टांप शुल्क में एक प्रतिशत की छूट दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण का अर्थ महिलाओं को अवसर, सम्मान, आर्थिक स्वतंत्रता और निर्णय लेने में भागीदारी देना है।

जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान देने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 1,600 से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण हो रहा है। पिछले ढाई वर्षों में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से साढ़े 11 लाख से अधिक आवास पूरे हो चुके हैं।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान प्रदेश के लिए 3 लाख 65 हजार नए प्रधानमंत्री आवासों को मंजूरी मिली है। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी जरूरतमंद परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे।

मुख्यमंत्री निवास में दिखी छत्तीसगढ़ी गांव की झलक

तीजा-पोरा तिहार के लिए मुख्यमंत्री निवास को छत्तीसगढ़ी गांव की थीम पर सजाया गया। पारंपरिक बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, खिलौनों और ग्रामीण परिवेश के बीच लोक कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।

माताओं-बहनों ने फुगड़ी, रस्साकशी और कुर्सी दौड़ में हिस्सा लिया। मेहंदी और झूले के साथ उन्होंने तीजा के मायके वाले उल्लास का आनंद लिया। पूरा मुख्यमंत्री निवास छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और पारिवारिक आत्मीयता के रंग में रंगा नजर आया।

तीजा मातृशक्ति और परंपरा का पर्व : लक्ष्मी राजवाड़े

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश की माताओं-बहनों को तीजा-पोरा तिहार की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं और मातृशक्ति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है।

उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना की 31 किस्तें जारी हो चुकी हैं और यह योजना महिलाओं को आर्थिक संबल देने के साथ आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत कर रही है। उन्होंने ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान को पोषण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

कार्यक्रम में मंत्री गजेंद्र यादव, मंत्री दयाल दास बघेल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, महापौर मीनल चौबे, वीणा सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में माताएं-बहनें मौजूद रहीं।

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