रायपुर । सामाजिक न्याय, समान अवसर, प्रतिनिधित्व और आरक्षण व्यवस्था की रक्षा की मांग को लेकर राजधानी रायपुर में रविवार को ‘संवैधानिक आरक्षण बचाओ रैली’ का आयोजन किया गया। जेन-ज़ी (Gen-Z) युवा वर्ग, छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में आयोजित रैली में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए 10 हजार से अधिक युवा, विद्यार्थी, कर्मचारी, सामाजिक कार्यकर्ता और सामाजिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
रैली अंबेडकर चौक से शुरू होकर राज्यपाल के नाम 20 सूत्रीय ज्ञापन सौंपने के साथ संपन्न हुई। ज्ञापन में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़े संवैधानिक अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की गई।
पदोन्नति में आरक्षण लागू करने की मांग
रैली में SC-ST वर्ग के लिए पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े नियम-5 को पुनः अधिसूचित कर लागू करने और सर्वोच्च न्यायालय के अंतरिम आदेशों के अनुरूप पदोन्नति में आरक्षण देने की मांग उठाई गई। विभिन्न विभागों में बिना आरक्षण रोस्टर के की जा रही पदोन्नतियों पर रोक लगाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
इसके अलावा आरक्षण रोस्टर के नियमित संधारण और अद्यतन, लंबित बैकलॉग पदों की जानकारी सार्वजनिक करने तथा विशेष भर्ती अभियान चलाकर रिक्त पदों को भरने की मांग की गई।
OBC को 27 और SC को 13 प्रतिशत आरक्षण की मांग
ज्ञापन में OBC वर्ग को 27 प्रतिशत और SC वर्ग को 13 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग भी उठाई गई। आयोजकों ने प्लेसमेंट, आउटसोर्सिंग और संविदा के जरिए होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं की समीक्षा कर आरक्षण नियमों के अनुरूप सामाजिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की।
SCSP और TSP बजट के संरक्षण की मांग
रैली में अनुसूचित जाति उपयोजना (SCSP) और जनजातीय उपयोजना (TSP) के बजट के संरक्षण और पारदर्शी उपयोग की मांग की गई। युवाओं ने इन निधियों का हिस्सा SC-ST वर्ग के युवाओं के स्वरोजगार, कौशल विकास और आजीविका सशक्तीकरण के लिए निर्धारित करने की मांग रखी।
इसके साथ ही PESA और वन अधिकार अधिनियम (FRA) के प्रभावी क्रियान्वयन, पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने और शासन, प्रशासन, आयोगों व बोर्डों में SC, ST और OBC का उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की गई।
छात्रवृत्ति और रोजगार में प्रतिनिधित्व की मांग
ज्ञापन में SC, ST और OBC विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति बढ़ाने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में सामाजिक न्याय सुरक्षा तंत्र और शिकायत निवारण व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी की गई।
इसके अलावा जाति प्रमाण-पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल करने तथा राज्य की अनुमति से संचालित निजी उद्योगों एवं संस्थानों में स्थानीय SC, ST और OBC युवाओं के रोजगार एवं प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।
एक और तीन महीने की समयसीमा
आयोजकों ने कहा कि ज्ञापन में शामिल कुछ अत्यावश्यक मांगों पर एक माह के भीतर और शेष मांगों पर तीन माह के भीतर राज्य शासन से कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में ठोस कार्रवाई नहीं होने पर राज्यव्यापी जनजागरण अभियान चलाया जाएगा और आगामी शीतकालीन विधानसभा सत्र से पहले बड़े स्तर पर ‘आरक्षण बचाओ अभियान’ आयोजित किया जाएगा।
आयोजकों ने रैली को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक बताते हुए इसमें शामिल हुए युवाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।