रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए निर्वाचन आयोग विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, मतदाता सूची में दर्ज गलतियों को सुधारा जाएगा और पात्रता के आधार पर नाम हटाने से जुड़ी आपत्तियों की जांच की जाएगी। आयोग ने इसके लिए 1 जनवरी 2027 को पात्रता की संदर्भ तिथि निर्धारित की है। यह प्रक्रिया देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आयोजित की जाएगी। ।
छत्तीसगढ़ के मतदाताओं के लिए क्या है जरूरी?
इस पुनरीक्षण में पहले से मतदाता सूची में दर्ज लोगों को दोबारा गणना फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, मतदाताओं को ड्राफ्ट सूची में अपना नाम, पता और अन्य विवरण जरूर जांचने चाहिए। यदि किसी का नाम सूची में नहीं है, तो वह नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भर सकता है। वहीं, नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार के लिए फॉर्म-8 का इस्तेमाल किया जा सकता है।
2 नवंबर तक पुनरीक्षण की प्रक्रिया
निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पुनरीक्षण से जुड़ी प्रक्रिया 2 नवंबर 2026 तक पूरी की जानी है। इसके बाद 12 नवंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होगी। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या विवरण में सुधार से संबंधित दावे और आपत्तियां 11 दिसंबर तक दर्ज कराई जा सकेंगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। ।
नाम हटाने की प्रक्रिया पर रहेगी निगरानी
मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्वाचन आयोग ने अतिरिक्त निगरानी के निर्देश दिए हैं। किसी मतदान केंद्र पर 2 प्रतिशत से अधिक नाम हटाए जाने की स्थिति में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) को स्वयं जांच करनी होगी। इसी तरह, यदि कोई व्यक्ति पांच से अधिक नाम हटाने के लिए आपत्ति दर्ज कराता है, तो भी अधिकारी को जांच करनी होगी।
नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन से संबंधित प्रक्रिया का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाएगा। दावों और आपत्तियों की सूची राजनीतिक दलों के साथ साझा करने का भी प्रावधान है।
2027 में 18 साल पूरे करने वालों को मिलेगा मौका
जो युवा 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 को पात्र होने वाले युवाओं से भी अग्रिम आवेदन लिए जाएंगे।
SSR और SIR में क्या है अंतर?
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) में मौजूदा मतदाता सूची को आधार बनाकर नाम जोड़ने, विवरण सुधारने और पात्रता के अनुसार नाम हटाने की प्रक्रिया की जाती है। इसके विपरीत, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में मतदाताओं का अधिक विस्तृत सत्यापन किया जाता है, जिसमें घर-घर जाकर गणना की प्रक्रिया भी शामिल होती है।
छत्तीसगढ़ के मतदाताओं के लिए इस प्रक्रिया में सबसे जरूरी कदम ड्राफ्ट सूची में अपना नाम जांचना और किसी भी गलती या छूट की स्थिति में निर्धारित समय के भीतर आवेदन करना होगा।