रायपुर। रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर विशेष सामान्य सभा बुलाने के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए विपक्ष ने कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बयान में कहा गया कि यह पहल अच्छी है, लेकिन शहर के अहम मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
वक्तव्य में तात्यापारा रोड चौड़ीकरण, शहर में बढ़ते जल संकट, बरसात के दौरान जलभराव की समस्या और ड्रेनेज सिस्टम के लिए स्वीकृत 220 करोड़ रुपए की राशि अब तक नहीं मिलने जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा की मांग की गई। साथ ही वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और महतारी वंदन योजना से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया।
आरोप लगाया गया कि कई बुजुर्ग महीनों से पेंशन के लिए भटक रहे हैं, वहीं विधवा महिलाओं और महतारी वंदन योजना की पात्र हितग्राहियों को भी समय पर लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बयान में महिला महापौर से यह भी मांग की गई कि वे महिलाओं के नाम पर संपत्ति कर में छूट देने के अपने वादे को लागू करने की घोषणा करें। कहा गया कि यदि इस विशेष सभा में ऐसी ठोस घोषणा होती है, तभी यह वास्तविक महिला सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक कदम माना जाएगा।
विपक्ष ने अंत में कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीन पर ठोस फैसलों के जरिए इसे प्रभावी बनाना जरूरी है।