रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने नारी शक्ति वंदन (संशोधन) अधिनियम को लोकसभा में पारित नहीं होने देने के लिए कांग्रेस समेत इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों पर जमकर निशाना साधा। दोनों नेताओं ने रविवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि महिलाओं के साथ किए गए इस कदम का परिणाम कांग्रेस व विपक्षी दलों को भुगतना पड़ेगा।
33% आरक्षण दिलाने का संकल्प: साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि देश की आधी आबादी को विकास में सहभागी बनाने और लोकसभा व विधानसभाओं में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नारी शक्ति वंदन (संशोधन) अधिनियम लाया गया था।
उन्होंने कहा कि संसद के विशेष सत्र से पहले पूरे देश में सकारात्मक माहौल था और महिलाओं में इस कानून को लेकर उत्साह था, लेकिन कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक और समाजवादी पार्टी के रुख के कारण यह साकार नहीं हो सका।
साय ने कहा कि देश में नारी का स्थान सदैव पूजनीय रहा है और महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में यह बड़ा कदम था, लेकिन विपक्ष ने इसमें बाधा डालकर महिलाओं के साथ अन्याय किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा की है और आगे भी यह संकल्प जारी रहेगा।
महिलाओं के अधिकारों पर कांग्रेस का विरोध: सिंह
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण से जुड़े इस विधेयक को लेकर कांग्रेस के रुख के कारण 17 अप्रैल का दिन एक नकारात्मक अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है।
उन्होंने कहा कि जब-जब महिलाओं के अधिकारों की बात आई, कांग्रेस ने विरोध का रास्ता अपनाया। शाहबानो प्रकरण और ट्रिपल तलाक जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर महिलाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस विधेयक को लेकर स्पष्टता दिखाई, लेकिन विपक्ष ने इसका समर्थन नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनसे महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है।
परिसीमन और प्रतिनिधित्व पर भी उठाए सवाल
अरुण सिंह ने कहा कि देश की बढ़ती जनसंख्या को देखते हुए लोकसभा सीटों के परिसीमन की आवश्यकता है। 1971 में जहां जनसंख्या 54 करोड़ थी, वहीं आज यह 140 करोड़ के करीब है। ऐसे में सीटों का निर्धारण आबादी के अनुपात में होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे को बूथ स्तर तक लेकर जाएगी और जनता के बीच अपनी बात रखेगी।
पत्रकार वार्ता में ये रहे मौजूद
पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी, सांसद रूपकुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े, महापौर मीनल चौबे और नेहा बग्गा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।