22.6 C
Raipur
Thursday, October 15, 2026
Homeछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास के लिए 500 करोड़ का मिशन, 1,000 करोड़...

छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास के लिए 500 करोड़ का मिशन, 1,000 करोड़ से अधिक जुटाने की तैयारी

Date:

Related stories

चित्रकोट, मैनपाट, सिरपुर और राजिम सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों का होगा विकास, 1,000 पर्यटन उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पर्यटन को रोजगार, निवेश और स्थानीय अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन की कार्ययोजना तैयार की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को महानदी भवन मंत्रालय में पर्यटन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहर और धार्मिक स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन विकास का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचना चाहिए। युवाओं, महिलाओं, हस्तशिल्पियों, कलाकारों और छोटे व्यवसायियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर तैयार किए जाएं। स्थानीय खानपान, हस्तशिल्प, लोककला और संस्कृति को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर आय के स्थायी साधन विकसित किए जाएं।

पर्यटन विकास के लिए 500 करोड़ की मिशन निधि प्रस्तावित

पर्यटन विभाग की ओर से प्रस्तुत कार्ययोजना के अनुसार, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के तहत 500 करोड़ रुपये की मूल मिशन निधि प्रस्तावित की गई है। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP), कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR), केंद्र सरकार की योजनाओं और विभिन्न विभागों के समन्वय से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाने की कार्ययोजना तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उपलब्ध वित्तीय स्रोतों का प्रभावी उपयोग करने और पर्यटन परियोजनाओं में दीर्घकालिक उपयोगिता, आर्थिक संभावनाओं तथा स्थानीय रोजगार को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

चित्रकोट, मैनपाट और सिरपुर सहित प्रमुख स्थलों का होगा विकास

मिशन के प्रथम चरण में चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सिरपुर, हसदेव बांगो जलाशय और राजिम को प्रमुख पर्यटन गंतव्यों के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके अलावा मायाली-बगीचा, चंपारण, सतरेंगा, तीरथगढ़, देवरानी-जेठानी, कबीर चबूतरा, केंदई, महामाया और चिल्फी घाटी सहित अन्य पर्यटन स्थलों में सुविधाओं का विस्तार प्रस्तावित है।

इन स्थलों पर बेहतर सड़क संपर्क, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, पार्किंग, पर्यटक सहायता केंद्र, डिजिटल सूचना प्रणाली, प्राथमिक चिकित्सा और सुरक्षा संबंधी सुविधाओं को विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही स्थानीय वास्तुकला, संस्कृति और प्राकृतिक परिवेश के संरक्षण का ध्यान रखा जाएगा।

1,000 पर्यटन उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के अंतर्गत 1,000 नए पर्यटन उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 250 महिला स्व-सहायता समूहों को पर्यटन आधारित गतिविधियों से जोड़ने की योजना है।

मिशन के तहत 600 आतिथ्य एवं पर्यटक सहायता कर्मियों तथा 500 टूर गाइड और फ्रंटलाइन कर्मियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में होमस्टे, स्थानीय व्यंजन, पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला, पर्यटन मार्गदर्शन और परिवहन जैसी सेवाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा।

पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने की योजना

राज्य सरकार ने प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या दोगुनी करने और पर्यटकों के औसत प्रवास की अवधि बढ़ाकर दो दिन करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए प्रदेश में 12 हजार अतिरिक्त कमरों की क्षमता विकसित करने की कार्ययोजना बनाई गई है।

होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे और अन्य आवासीय सुविधाओं में निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा। पर्यटन क्षेत्र में 10 से 20 सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजनाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। इनके माध्यम से कम से कम 1,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है।

चार प्रमुख और 15 मिनी पर्यटन सर्किट बनेंगे

प्रदेश के प्राकृतिक, धार्मिक, ऐतिहासिक, पुरातात्विक और जनजातीय पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ने के लिए चार प्रमुख पर्यटन सर्किट और 15 मिनी पर्यटन सर्किट विकसित करने की योजना है।

प्रमुख पर्यटन मार्गों पर लगभग 15 से 20 वे-साइड सुविधाएं और करीब 500 पर्यटन संकेतक स्थापित करने का प्रस्ताव है। इससे पर्यटकों को स्थलों तक पहुंचने और अपनी यात्रा की योजना बनाने में सुविधा मिलेगी।

डिजिटल तकनीक से मिलेगी पर्यटन की जानकारी

पर्यटन सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए बहुभाषी पर्यटन वेबसाइट, मोबाइल एप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सूचना प्रणाली, डिजिटल बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान और रियल टाइम नेविगेशन जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

इन माध्यमों से पर्यटकों को पर्यटन स्थलों, आवास, परिवहन, स्थानीय आकर्षण, खानपान और अन्य आवश्यक सेवाओं की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा।

जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक विरासत पर जोर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, लोकनृत्य, पारंपरिक खानपान, हस्तशिल्प और जीवनशैली प्रदेश की अमूल्य विरासत हैं। पर्यटन विकास के दौरान इनकी मौलिकता और गरिमा को संरक्षित रखते हुए व्यापक पहचान दिलाई जानी चाहिए।

बस्तर और सरगुजा अंचल की प्राकृतिक सुंदरता तथा जनजातीय संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन स्थलों पर विकास कार्य पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता को ध्यान में रखकर किए जाएं।

निगरानी के लिए बनेगी उच्चस्तरीय समिति

मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय मार्गदर्शक समिति तथा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय संचालन समिति का प्रावधान किया गया है। पर्यटन, लोक निर्माण, वन, नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, उद्योग और कौशल विकास सहित संबंधित विभागों के समन्वय से परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रत्येक परियोजना के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने और कार्ययोजना को परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को ऐसा पर्यटन गंतव्य बनाना सरकार का लक्ष्य है, जहां पर्यटक प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता, संस्कृति और आत्मीयता का अनुभव लेकर लौटें तथा पर्यटन से होने वाली आर्थिक गतिविधियों का लाभ स्थानीय लोगों को मिले।

बैठक में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत एवं प्रभात मलिक, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, पर्यटन सचिव पी. दयानंद, पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, वित्त विभाग के सचिव रोहित यादव, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के सचिव एस. भारतीदासन, पीसीसीएफ अरुण पांडेय, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव सोनमणि बोरा, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश टोप्पो, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

- Browse free from up to 5 devices at once

Latest stories