रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सहकारिता किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता का सबसे प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता को नई दिशा मिली है, जिससे किसानों, वनवासियों, महिला समूहों और ग्रामीण परिवारों को सीधे लाभ मिल रहा है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संग्रहण वर्ष 2023 के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरण का शुभारंभ किया। साथ ही उत्कृष्ट समितियों को सहकार प्रेरणा पुरस्कार से सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 1352 नई सहकारी समितियों के गठन से सहकारिता का दायरा गांव-गांव तक पहुंचा है। पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पहले किसानों को 16 से 18 प्रतिशत ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था, जबकि अब सहकारिता व्यवस्था और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस वर्ष प्रदेश के 15 लाख से अधिक किसानों को 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया गया है।
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया, विभिन्न सहकारी संस्थाओं के स्टॉलों का अवलोकन किया, पांच नई पैक्स समितियों को माइक्रो एटीएम वितरित किए, छत्तीसगढ़ हर्बल्स के पांच नए उत्पादों का लोकार्पण किया तथा तेंदूपत्ता संग्राहकों, महिला स्व-सहायता समूहों और अन्य हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि, लाभांश एवं केसीसी ऋण वितरित किए।
सहकारिता से किसानों की आय बढ़ेगी, विकसित छत्तीसगढ़ की नींव होगी मजबूत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सहकारिता किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता का सबसे प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता को नई दिशा मिली है, जिससे किसानों, वनवासियों, महिला समूहों और ग्रामीण परिवारों को सीधे लाभ मिल रहा है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में सहकारिता मंत्रालय के पांच वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने संग्रहण वर्ष 2023 के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि वितरण का शुभारंभ किया। साथ ही उत्कृष्ट समितियों को सहकार प्रेरणा पुरस्कार से सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 1352 नई सहकारी समितियों के गठन से सहकारिता का दायरा गांव-गांव तक पहुंचा है। पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पहले किसानों को 16 से 18 प्रतिशत ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था, जबकि अब सहकारिता व्यवस्था और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस वर्ष प्रदेश के 15 लाख से अधिक किसानों को 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया गया है।
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया, विभिन्न सहकारी संस्थाओं के स्टॉलों का अवलोकन किया, पांच नई पैक्स समितियों को माइक्रो एटीएम वितरित किए, छत्तीसगढ़ हर्बल्स के पांच नए उत्पादों का लोकार्पण किया तथा तेंदूपत्ता संग्राहकों, महिला स्व-सहायता समूहों और अन्य हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि, लाभांश एवं केसीसी ऋण वितरित किए।