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Friday, July 17, 2026
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विदेशी फंडिंग का जाल: ED जांच में 95 करोड़ की एंट्री, बस्तर तक पहुंचा पैसा, सियासत तेज

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रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में विदेशी फंडिंग से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच के मुताबिक The Timothy Initiative ने बिना अनुमति विदेश से भारत में फंडिंग की। एक अमेरिकी नागरिक के पास से 24 विदेशी डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं, जो Truist Bank से जुड़े बताए जा रहे हैं।
ED के अनुसार, इन कार्ड्स के जरिए एटीएम से बार-बार पैसे निकालकर करीब 95 करोड़ रुपये भारत लाए गए। जांच में सामने आया है कि इस रकम का एक हिस्सा छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में भी खर्च किया गया। एजेंसी का मानना है कि मामला मनी लॉन्ड्रिंग और नियमों के उल्लंघन से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल जांच जारी है।
सियासत गरमाई
मामला सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यदि कहीं गलत ट्रांजैक्शन हुआ है तो इसकी जांच ED का काम है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024-25 के दौरान, जब राज्य में बीजेपी सरकार थी, तब इस तरह की गतिविधियां बढ़ीं, जिसका जवाब बीजेपी को देना चाहिए।
वहीं बीजेपी प्रवक्ता अनुराग अग्रवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि ED ने विदेशी फंडिंग के जरिए अवैध धर्मांतरण के एक बड़े नेक्सस का खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एजेंसियों पर सवाल उठाकर ऐसे मामलों में ढाल का काम करती है।
संतोष पांडेय का बड़ा बयान
इसी मुद्दे पर बीजेपी सांसद संतोष पांडेय ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने विदेशी फंडिंग के जरिए लोगों को JNU भेजा और आदिवासी क्षेत्रों में कई गतिविधियां संचालित कीं। उनका दावा है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में कांग्रेस का नेटवर्क था, जिसे जनता समझ चुकी है।
पांडेय ने यह भी कहा कि मोदी सरकार ने विदेशी फंडिंग वाले NGOs पर सख्ती की है और प्रदेश में धर्मांतरण रोकने के लिए कानून भी बीजेपी सरकार ही लेकर आई।

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