जांजगीर-चांपा । जांजगीर-चांपा जिले के बहुचर्चित करही गोलीकांड मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। करीब एक महीने तक चली जांच और “ऑपरेशन हंट” के तहत की गई कार्रवाई के बाद पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार, इस हत्या के पीछे उधारी का विवाद, आपसी जलन और व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा मुख्य वजह रही।
घर में घुसकर की गई थी हत्या
दरअसल, 23 और 24 अप्रैल की दरम्यानी रात ग्राम करही में तीन नकाबपोश बदमाशों ने घर में घुसकर आयुष कश्यप की गोली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं बीच-बचाव करने पहुंचे उसके छोटे भाई को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।
7 राज्यों तक फैली जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने “ऑपरेशन हंट” शुरू किया और जांच का दायरा 7 राज्यों तक बढ़ाया। इस दौरान पुलिस टीम ने 200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले, तकनीकी साक्ष्य जुटाए और कई संदिग्धों से लगातार पूछताछ की।
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मृतक की बढ़ती आर्थिक स्थिति और इलाके में बढ़ते प्रभाव से जलन के चलते हत्या की साजिश रची थी। उधारी के पैसों को लेकर विवाद भी हत्या की बड़ी वजह बना।
CCTV तोड़कर घर में घुसे आरोपी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि घटना की रात आरोपी पहले से ही घर के आसपास मौजूद थे। उन्होंने सबसे पहले CCTV कैमरा तोड़ा और फिर घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने मृतक के पिता के कमरे को बाहर से बंद कर दिया, इसके बाद आयुष कश्यप पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। बीच-बचाव करने पहुंचे छोटे भाई को भी गोली मार दी गई।
हथियार और बाइक बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक पिस्टल, मैगजीन, अतिरिक्त मैगजीन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। वहीं मामले के मुख्य साजिशकर्ता और अन्य सहयोगियों की तलाश अभी जारी है।
इस पूरे मामले के खुलासे पर पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने जांच टीम की सराहना करते हुए इनाम की घोषणा की है। फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।