मुंबई। Devendra Fadnavis की मंजूरी के बिना अब महाराष्ट्र सरकार का कोई भी मंत्री या वरिष्ठ अधिकारी सरकारी विमान अथवा चार्टर्ड विमान का उपयोग नहीं कर सकेगा। राज्य सरकार ने खर्च नियंत्रण और ईंधन बचत को ध्यान में रखते हुए इस संबंध में नए निर्देश जारी किए हैं।

नई व्यवस्था के तहत किसी भी मंत्री या अधिकारी को सरकारी विमान का उपयोग करने से पहले मुख्यमंत्री कार्यालय से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। सीएमओ की स्वीकृति मिलने के बाद ही विमान उपलब्ध कराया जाएगा।
पीएम मोदी की अपील के बाद सख्ती
हाल ही में Narendra Modi ने ईंधन बचत, सरकारी खर्चों में कटौती और संसाधनों के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग की अपील की थी। इसके बाद कई राज्यों में सरकारी खर्चों को नियंत्रित करने को लेकर चर्चाएं तेज हुईं। माना जा रहा है कि महाराष्ट्र सरकार ने उसी दिशा में यह कदम उठाया है।
अनावश्यक यात्राओं पर रोक
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, कुछ मामलों में कम दूरी की यात्राओं के लिए भी सरकारी विमान का उपयोग किया जा रहा था, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा था। अब केवल जरूरी और आधिकारिक कार्यों के लिए ही विमान उपयोग की अनुमति दी जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस फैसले से सरकारी खर्चों में कमी आएगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।