नासिक। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों को अब एक बड़े अंतरराज्यीय रैकेट के संकेत मिले हैं। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि लीक हुई प्रश्नपत्रिका की पहली कॉपी महाराष्ट्र के नासिक में सामने आई थी। मामले के तार राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड तक जुड़ने की बात सामने आ रही है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, जयपुर से गिरफ्तार आरोपी मनीष इस पूरे पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि उसने परीक्षा से पहले ही संभावित सवालों तक पहुंच बना ली थी। बाद में इन्हें ‘गेस पेपर’ के नाम पर छात्रों तक पहुंचाया गया।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गेस पेपर के 100 से ज्यादा सवाल असली NEET परीक्षा से मेल खा गए, जिसके बाद देशभर में हड़कंप मच गया।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क
राजस्थान SOG, केंद्रीय जांच एजेंसियां और विभिन्न राज्यों की पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। जांच में सामने आया है कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था। राजस्थान से शुरू हुई जांच महाराष्ट्र के नासिक, फिर हरियाणा और उत्तराखंड तक पहुंच गई है।
जांच एजेंसियों को शक है कि प्रश्नपत्र की डिजिटल कॉपी सबसे पहले नासिक में शेयर की गई थी। इसके आधार पर कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और सोशल मीडिया चैनलों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
कोचिंग नेटवर्क और तकनीकी एक्सपर्ट्स पर शक
अधिकारियों के मुताबिक इस रैकेट में कोचिंग नेटवर्क, दलालों और कुछ तकनीकी विशेषज्ञों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। जांच में यह भी दावा किया गया है कि राजस्थान के एक पीजी छात्र के जरिए प्रश्नपत्र बाहर निकाला गया और फिर अलग-अलग राज्यों में फैलाया गया।
फिलहाल कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि मुख्य मास्टरमाइंड और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।