रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने एनालॉग पनीर को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में अब एनालॉग पनीर की बिक्री पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया है। जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा।
मंत्री के मुताबिक, प्रदेश में एनालॉग पनीर की बिक्री को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। इसके बाद खाद्य एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई स्थानों पर जांच और कार्रवाई भी की गई।
क्या है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर पारंपरिक दूध से बनने वाले पनीर से अलग होता है। इसे तैयार करने में दूध की जगह या उसके साथ वनस्पति तेल, स्टार्च और अन्य खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। देखने में यह सामान्य पनीर जैसा हो सकता है, लेकिन इसकी संरचना और पोषण गुण अलग होते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेशवासियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद एनालॉग पनीर की बिक्री पर प्रतिबंध प्रभावी हो जाएगा।