जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को उम्रकैद, हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

बिलासपुर | छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में सोमवार को बड़ा फैसला सामने आया। बिलासपुर स्थित छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मामले में आरोपी पूर्व विधायक अमित जोगी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी मानते हुए अमित जोगी को आजीवन कारावास के साथ 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में अतिरिक्त छह महीने की सजा भुगतनी होगी।
ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटा
हाईकोर्ट ने इस मामले में 2007 में आए ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलट दिया है, जिसमें अमित जोगी को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था। लंबी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अब उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
सरेंडर के निर्देश
अदालत ने अमित जोगी को निर्धारित समय सीमा के भीतर सरेंडर करने के निर्देश भी दिए हैं।
क्या है पूरा मामला
4 जून 2003 को एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
यह मामला छत्तीसगढ़ के सबसे चर्चित राजनीतिक हत्याकांडों में शामिल रहा है।
मामले में कुल 31 आरोपी बनाए गए थे, जिनमें से अधिकांश को पहले ही सजा हो चुकी है।
अमित जोगी को पहले बरी कर दिया गया था, लेकिन अपील के बाद मामला दोबारा सुना गया।
आगे क्या?
फैसले के बाद अमित जोगी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपील की संभावना जताई जा रही है।