मगरमच्छ के पहुंचते ही मची दहशत, फिर मंत्रोच्चार के बीच शांत बैठा रहा; पूजा के बाद खुद ही चला गया
तेलंगाना। नदी से निकला एक मगरमच्छ पुष्कर घाट स्थित मंदिर के पास पहुंच गया। मगरमच्छ को देखकर लोगों में दहशत फैल गई। इसी दौरान मंदिर के पुजारी ने अनोखा कदम उठाते हुए मगरमच्छ की पूजा-अर्चना शुरू कर दी।
पुजारी ने मंत्रों का जाप करते हुए अभिषेक समेत कई धार्मिक अनुष्ठान किए। हैरानी की बात यह रही कि मगरमच्छ इस दौरान शांत रहा और पूजा पूरी होने के बाद वहां से चला गया।

पुजारी ने बताई धार्मिक मान्यता
पुजारी के मुताबिक, धार्मिक मान्यता में मगरमच्छ को वर्षा के देवता वरुण का वाहन माना जाता है। उन्होंने लोगों के लिए अच्छी बारिश, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए प्रार्थना की।
हालांकि, जंगली मगरमच्छ के पास जाना या उसे छूना बेहद खतरनाक हो सकता है। ऐसी स्थिति में लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखते हुए वन विभाग को सूचना देनी चाहिए।