संदिग्ध सड़क हादसे में ड्राइवर की मौत से आक्रोश; घायल को मौके पर छोड़ने का आरोप, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
रायगढ़। जिले के NTPC लारा संयंत्र में एक ड्राइवर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। मृतक देवेंद्र साव के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने NTPC लारा के मुख्य द्वार पर शव रखकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात करना पड़ा।

हादसे के बाद घायल ड्राइवर को छोड़कर चले गए अधिकारी?
ग्रामीणों के मुताबिक, त्रिवेदी कॉन्ट्रैक्शन के जरिए चलने वाली स्कॉर्पियो में NTPC लारा के कुछ अधिकारी रायपुर एयरपोर्ट गए थे। वापसी के दौरान सरायपाली रोड पर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में ड्राइवर देवेंद्र साव गंभीर रूप से घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई।
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे के बाद वाहन में सवार अधिकारी घायल देवेंद्र को मौके पर छोड़कर वहां से चले गए। उनका सवाल है कि अगर अधिकारी सुरक्षित थे तो उन्होंने घायल ड्राइवर के इलाज की व्यवस्था क्यों नहीं कराई और घटना की सूचना तत्काल क्यों नहीं दी गई?
‘आखिर हादसे के बाद अधिकारी कहां चले गए?’
मृतक के परिजनों ने पूरे घटनाक्रम को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हादसे की परिस्थितियों और वाहन में सवार अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। ग्रामीण यह भी सवाल उठा रहे हैं कि दुर्घटना के पीछे आखिर वास्तविक वजह क्या थी।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और जांच के बाद ही हादसे की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
NTPC गेट पर शव रखकर प्रदर्शन, प्रबंधन से जवाब मांगते रहे ग्रामीण
मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश उस समय और बढ़ गया, जब उनका आरोप है कि NTPC प्रबंधन की ओर से मामले में तत्काल कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद ग्रामीण शव लेकर संयंत्र के मुख्य द्वार पर पहुंच गए और वहीं प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी कि जिम्मेदार अधिकारी सामने आएं और परिवार को ठोस मुआवजा, एक सदस्य को स्थायी रोजगार तथा हादसे की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच का लिखित आश्वासन दिया जाए।
प्रशासन की मध्यस्थता के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
देर रात प्रशासन की मध्यस्थता में मृतक के परिवार को तत्काल सहायता राशि दिए जाने और उचित मुआवजा तथा निष्पक्ष जांच का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त किया।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि हादसे के समय वाहन में कौन-कौन मौजूद था, दुर्घटना कैसे हुई और घायल ड्राइवर को समय पर इलाज क्यों नहीं मिला? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।