रायपुर। कांग्रेस ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए कई राज्यों के प्रभारी महासचिवों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने तत्काल प्रभाव से नए प्रभारियों की नियुक्ति और जिम्मेदारियों का पुनर्गठन किया है। पार्टी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में इसकी जानकारी दी गई है।
इस बदलाव के तहत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया गया है। वहीं सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी महासचिव बनाया गया है।
सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ का प्रभार
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संगठन में भी बड़ा बदलाव हुआ है। सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। अब तक यह जिम्मेदारी सचिन पायलट संभाल रहे थे।
सुखदेव भगत के सामने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और पार्टी नेताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की चुनौती होगी।
सुरजेवाला को गुजरात के साथ कर्नाटक की अतिरिक्त जिम्मेदारी
कांग्रेस ने रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का प्रभारी महासचिव बनाया है। इसके साथ ही उन्हें कर्नाटक के प्रभारी महासचिव की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
इसके अलावा डॉ. सिरिवेला प्रसाद को महाराष्ट्र और पी.वी. मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है।
तीन नेताओं की जिम्मेदारियां समाप्त
कांग्रेस ने निवर्तमान प्रभारी महासचिवों के योगदान की सराहना भी की है। पार्टी की ओर से जारी सूची में जितेंद्र सिंह, रमेश चेन्निथला और माणिकम टैगोर का नाम शामिल है।
वहीं मुकुल वासनिक AICC महासचिव के पद पर बने रहेंगे।
आगामी चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा फेरबदल
कांग्रेस के इस संगठनात्मक बदलाव को आगामी चुनावों की तैयारियों और विभिन्न राज्यों में पार्टी संगठन को मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। खासतौर पर छत्तीसगढ़ में नए प्रभारी की नियुक्ति को संगठन के भीतर नई रणनीति और समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

जानिए कौन हैं सुखदेव भगत, जिन्हें छत्तीसगढ़ कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया
सुखदेव भगत झारखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और लोहरदगा से सांसद हैं। 63 वर्षीय भगत के पिता गंधर्व भगत स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन और एमफिल की पढ़ाई की है।
राजनीति में आने से पहले उन्होंने बैंक अधिकारी के रूप में काम किया और संयुक्त बिहार में प्रशासनिक सेवा में भी रहे। वर्ष 2005 में उन्होंने राज्य प्रशासनिक सेवा में डिप्टी कलेक्टर के पद से इस्तीफा देकर सक्रिय राजनीति का रास्ता चुना।
राजनीतिक सफर की बात करें तो सुखदेव भगत ने कांग्रेस के साथ अपनी राजनीतिक पारी शुरू की। वर्ष 2013 में उन्हें झारखंड कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद 2019 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा, लेकिन वर्ष 2022 में कांग्रेस में वापस लौट आए।
अब कांग्रेस ने उन्हें छत्तीसगढ़ का नया प्रभारी महासचिव नियुक्त किया है।