रायपुर। छत्तीसगढ़ के Gen-Z युवा वर्ग और आरक्षण बचाओ मंच की ओर से 20 सितंबर 2026 को राजधानी रायपुर में ‘संवैधानिक आरक्षण बचाओ रैली’ का आयोजन किया जाएगा। रैली दोपहर 2 बजे अंबेडकर चौक से शुरू होकर राजभवन तक जाएगी। आयोजकों ने सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों और आरक्षण व्यवस्था की रक्षा को लेकर प्रदेशभर के लोगों से रैली में शामिल होने की अपील की है।

रायपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए संविधान एवं बजट एक्सपर्ट विनोद कुमार कोसले ने बताया कि रैली का उद्देश्य संविधान प्रदत्त सामाजिक न्याय, समान अवसर, प्रतिनिधित्व और आरक्षण व्यवस्था की रक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाना है।
पदोन्नति में आरक्षण और बैकलॉग पद भरने की मांग
मंच ने एससी और एसटी वर्गों के लिए पदोन्नति में आरक्षण के नियम-5 को पुनः अधिसूचित कर लागू करने की मांग की है। साथ ही, विभिन्न विभागों में आरक्षण रोस्टर के बिना की जा रही पदोन्नतियों पर रोक लगाने की मांग रखी गई है।
इसके अलावा, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आरक्षण अधिनियम 1994 और आरक्षण नियम 1998 के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने तथा आरक्षण रोस्टर को नियमित रूप से अद्यतन करने की मांग की गई है।
OBC को 27 और SC को 13 प्रतिशत आरक्षण की मांग
प्रेस विज्ञप्ति में जनसंख्या के अनुरूप सामाजिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत और एससी वर्ग को 13 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग की गई है।
मंच ने सामान्य प्रशासन विभाग के 6 जुलाई 2026 के आदेश के अनुरूप एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों के लंबित बैकलॉग पदों को विशेष भर्ती अभियान के जरिए भरने तथा राज्य गठन से अब तक के बैकलॉग पदों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई है।
आउटसोर्सिंग और संविदा भर्ती में आरक्षण पर जोर
आरक्षण बचाओ मंच ने प्लेसमेंट, आउटसोर्सिंग, संविदा और अन्य भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने पर रोक लगाने की मांग की है। संविदा, आउटसोर्स और प्लेसमेंट कर्मचारियों के नियमितीकरण से पहले सामाजिक प्रतिनिधित्व का परीक्षण और मूल्यांकन करने की बात भी कही गई है।
इसके अलावा एससीएसपी और टीएसपी बजट के संरक्षण, पारदर्शी उपयोग, युवाओं के स्वरोजगार एवं कौशल विकास के लिए बजट के प्रभावी उपयोग तथा अनुच्छेद 275(1) के तहत प्राप्त राशि का जनजातीय विकास के लिए उपयोग सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
PESA और FRA कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग
मंच ने पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में ग्राम सभाओं और स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप सशक्त बनाने तथा PESA और FRA कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की मांग की है।
वहीं, शासन, प्रशासन, आयोगों, बोर्डों और नीति-निर्माण संस्थाओं में एससी, एसटी और ओबीसी वर्गों का सामाजिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने तथा पदोन्नति, गोपनीय चरित्रावली और अन्य सेवा संबंधी मामलों में भेदभाव पर रोक लगाने की मांग भी प्रेस विज्ञप्ति में शामिल है।