बिहार। बिहार के वैशाली जिले में गंगा नदी में नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया। मंगलवार, 13 अक्टूबर की रात राघोपुर थाना क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद गांव के पास हुई इस दुर्घटना में 14 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। मृतकों में ज्यादातर बच्चे बताए जा रहे हैं।
भोज में शामिल होने जा रहे थे लोग
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, नाव पर करीब 20 से 24 लोग सवार थे। सभी गंगा नदी पार कर दूसरे गांव में भोज में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान नाव नदी के बीच पलट गई और उसमें सवार लोग डूबने लगे। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, कई लोग लापता
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस-प्रशासन, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और गोताखोरों की टीम ने बचाव अभियान शुरू किया। कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि कुछ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, कुछ लोग अब भी लापता थे और उनकी तलाश की जा रही थी।
मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की सहायता
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये तथा घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता घोषित की है।
फिलहाल, हादसे के कारणों की विस्तृत जांच और लापता लोगों की तलाश को लेकर प्रशासन की कार्रवाई जारी है।
मुख्यमंत्री ने 4 लाख, प्रधानमंत्री ने 2 लाख रुपये की घोषणा की
हादसे पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। साथ ही अधिकारियों को राहत-बचाव कार्य में तेजी लाने और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर शोक जताते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
इस तरह राज्य सरकार और प्रधानमंत्री की घोषित सहायता को मिलाकर प्रत्येक मृतक के परिवार को कुल 6 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है। हालांकि, दोनों सहायता राशियों के वितरण और पात्रता की प्रशासनिक प्रक्रिया की पुष्टि जरूरी है।