शिवरीनारायण.जिला जांजगीर के रविदास/मेहर समाज द्वारा भारत के महान संत विश्वगुरु गुरु रविदास जी की 649वीं जिला स्तरीय जयंती धर्म नगरी शिवरीनारायण में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जिले एवं आसपास के क्षेत्रों से हजारों अनुयायी और सामाजिक जन उपस्थित रहे।
।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक श्रीमती शेषराज हरवंश रहीं। अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में जांजगीर विधायक ब्यासनारायण कश्यप एवं राजेश्री महंत रामसुंदर दास उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में राहुल थवाइत (नगर पंचायत अध्यक्ष, शिवरीनारायण), गोविंद यादव (नगर अध्यक्ष, खरौद), श्रीमती सरस्वती मिलाप साहू (उपाध्यक्ष, शिवरीनारायण) एवं श्रीमती अंजनी मनोज तिवारी (पूर्व नगर अध्यक्ष, शिवरीनारायण) शामिल रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सर्व रविदास समाज छत्तीसगढ़ के युवा अध्यक्ष धनंजय रात्रे ने की।
समारोह की शुरुआत गुरु रविदास जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर, धूप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण के साथ की गई। इसके पश्चात मंदिर परिसर से मेला ग्राउंड तक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की लंबी कतार देखने को मिली, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सामाजिक व्यक्तियों का सम्मान किया गया। उन्हें स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर मिस छत्तीसगढ़ 2025 पूजा ठंडेकर को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
अपने उद्बोधन में विधायक ब्यासनारायण कश्यप ने कहा कि गुरु रविदास जी केवल एक समाज के संत नहीं, बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि रविदास समाज निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। वहीं, क्षेत्रीय विधायक श्रीमती शेषराज हरवंश ने अपने संबोधन में कहा कि संत रविदास जी ने समाज को समानता और भाईचारे का संदेश दिया। समाज की उन्नति के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए शिक्षित और संगठित रहना आवश्यक है।
श्रीमती अंजनी मनोज तिवारी ने कहा कि शिवरीनारायण और पूरे जिले में सामाजिक समरसता सुदृढ़ हुई है और सभी लोग संत रविदास जी के विचारों पर चलने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में रामप्रसाद राही (जिला अध्यक्ष), अशोक सोनवानी, प्रीति रोहिदास, डॉ. रामगोपाल आदिले, धनंजय रात्रे, सूरज पठारे, राजेंद्र रोहिदास, उमाशंकर, सीताराम, नेहरू राही, शिव मेहरा, भुवन तुरकाने, कांति तुरकाने, संजय तुरकाने, मेंदराम, मुकेश तुरकाने, हरी सोनवानी, मुन्ना करकेल, भागवत राही, सुखनंदन राही, गोलू, पतिराम, गीत राम, कांति देवी, तेरस बाई, ममता रोहिदास सहित क्षेत्र एवं प्रदेश के हजारों सामाजिक जनों का सराहनीय योगदान रहा।