रायपुर . पंजाब में आयोजित 7वीं पैरा राष्ट्रीय तीरंदाजी चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया। प्रदेश की 18 सदस्यीय टीम ने कोच मनमोहन पटेल के कुशल मार्गदर्शन में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कुल 11 पदक अपने नाम किए और राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।
यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 30 जनवरी 2026 से 2 फरवरी 2026 तक आयोजित की गई, जिसमें छत्तीसगढ़ के तीरंदाजों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों की झड़ी लगाकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। पुरुष वर्ग टीम स्पर्धा में तोमन कुमार और अमित कीर्तानिया ने स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं तोमन कुमार ने व्यक्तिगत श्रेणी में रजत पदक भी जीता। उल्लेखनीय है कि तोमन कुमार ने पिछले वर्ष विश्व चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक हासिल किया था।
महिला टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। 2 फरवरी 2026 को खेले गए महिला टीम स्पर्धा के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ की चंचल सोनी और श्यामकुमारी की जोड़ी ने राजस्थान की टीम को पराजित कर स्वर्ण पदक जीता। दोनों खिलाड़ियों की सटीक निशानेबाजी और बेहतरीन तालमेल दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
इसके अलावा, चंचल सोनी ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 1 फरवरी 2026 को 50 मीटर व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक तथा 30 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। वहीं 2 फरवरी 2026 को ऑलंपिक राउंड में रजत पदक जीतकर टीम की झोली में एक और उपलब्धि जोड़ी।
पुरुष वर्ग में हरिओम शर्मा ने 30 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक प्राप्त किया। साथ ही मिक्स टीम स्पर्धा में छत्तीसगढ़ की टीम ने तमिलनाडु को हराकर कांस्य पदक जीतकर राज्य के लिए एक और गौरवपूर्ण सफलता हासिल की। हरिओम शर्मा ने लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है।
छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों की इस शानदार उपलब्धि ने यह सिद्ध कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। यह सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ से भाग लेने वाले खिलाड़ियों में तोमन कुमार, अमित कीर्तानिया, हरिओम शर्मा, चंचल सोनी, सुशील कुमार, होरी लाल यादव, लक्की सोनी, श्याम कुमार, चंचला पटेल, किशन हपका, श्यामकुमारी, सौरव भार्गव और चंद्रपाल मानिकपुरी शामिल थे। टीम के साथ कोच मनमोहन पटेल, संदीप कश्यप, दुर्गेश प्रताप ठाकुर तथा सहयोगी के रूप में राहुल धीवर, देव श्री और नीरज कुमार मौजूद रहे।
सभी के सामूहिक प्रयास से छत्तीसगढ़ ने यह ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया।