रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि यदि दीप प्रज्ज्वलन का आयोजन सरकारी स्तर पर कराया जा रहा है, तो इसके लिए होने वाला खर्च किस मद से किया जा रहा है।

बघेल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि प्रधानमंत्री का जन्मदिन मनाने और भारतीय जनता पार्टी की ओर से कार्यक्रम आयोजित करने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री स्तर पर बैठक होती है और विभाग प्रमुखों व कलेक्टरों के जरिए कार्यक्रम की तैयारियां की जाती हैं, तो इसे सरकारी कार्यक्रम माना जाए या राजनीतिक आयोजन।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने सवाल किया कि दीये, बाती और तेल की खरीद का खर्च किस सरकारी मद से किया जाएगा और इसका भुगतान कौन करेगा।
बघेल ने अधिकारियों से खर्च का हिसाब रखने की बात कहते हुए कहा कि जनता के पैसों के इस्तेमाल का विवरण सार्वजनिक होना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि यदि सरकार की ओर से खर्च का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया तो कांग्रेस विधानसभा में इस संबंध में जानकारी मांग सकती है।
सरकार ने क्या कहा है?
राज्य में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किया जाना है। अभियान के तहत सेवा, जनभागीदारी और विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों के साथ 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की गई है।
वहीं, PTI की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर को करीब 36 लाख दीप जलाने की घोषणा की गई थी। इस आयोजन को प्रधानमंत्री मोदी के 76वें जन्मदिन और सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने से जोड़ा गया है।
अब इस पूरे आयोजन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सवालों के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मुख्य सवाल यही है कि आयोजन में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों का खर्च किस मद से किया जा रहा है और इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।