रायपुर । ग्रामोद्योग विभाग के सचिव राजेश सिंह राणा ने आज छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित खादी उत्पादन केंद्र, कुँवरगढ़ का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में चल रहे कताई एवं बुनाई कार्यों का विस्तार से अवलोकन किया और कारीगरों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं सुविधाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान सचिव श्री राणा ने कातिन और बुनकरों से उनके कार्य, उत्पादन प्रक्रिया तथा कार्य के दौरान आने वाली कठिनाइयों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने केंद्र में तैयार किए जा रहे खादी उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादन व्यवस्था का भी जायजा लिया।
सचिव राणा ने कारीगरों के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि खादी केवल वस्त्र नहीं, बल्कि स्वावलंबन, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और अधिक से अधिक कारीगरों को खादी गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को खादी उत्पादन को बढ़ावा देने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने, उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने और विपणन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही कारीगरों को आधुनिक सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय एवं प्रबंध संचालक श्रीमती लीना कमलेश मंडावी सहित विभाग और बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने सचिव राणा को केंद्र में संचालित गतिविधियों, खादी उत्पादन की वर्तमान स्थिति और कारीगरों के हित में बोर्ड द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान खादी उत्पादन केंद्र कुँवरगढ़ को और अधिक सुदृढ़ करने तथा खादी एवं ग्रामोद्योग के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।