रायपुर। छत्तीसगढ़ में गुरुवार से बदला मौसम शुक्रवार को भी अपना असर दिखा रहा है। राजधानी रायपुर में लगातार बारिश और गरज-चमक का दौर बना हुआ है। प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने 25 सितंबर को प्रदेश के कई जिलों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवा की चेतावनी जारी की है।
बारिश की सबसे बड़ी वजह क्या है?
मौसम में इस बदलाव की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी और उससे लगे तटीय क्षेत्र में बना डीप डिप्रेशन है। IMD के मुताबिक यह सिस्टम उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के आसपास सक्रिय रहा और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। इसके प्रभाव से दक्षिण छत्तीसगढ़ में नमी पहुंची और बारिश की गतिविधियां तेज हुईं। 24 सितंबर की शाम यह सिस्टम दक्षिण ओडिशा और उससे लगे क्षेत्र में था, जो जगदलपुर से करीब 100 किलोमीटर पूर्व और रायपुर से लगभग 270 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में था।
रायपुर में बारिश का असर
राजधानी रायपुर में गुरुवार से ही मौसम बदला हुआ है। IMD के रायपुर-माना केंद्र ने 24 सितंबर को 16 मिलीमीटर बारिश दर्ज की। 25 सितंबर को भी सामान्यतः बादल छाए रहने, बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक गुरुवार को रायपुर समेत दक्षिण-मध्य छत्तीसगढ़ में कई जगह झमाझम बारिश हुई और बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई।
बस्तर में बारिश का ज्यादा असर
डीप डिप्रेशन का असर दक्षिण छत्तीसगढ़ में ज्यादा दिखाई दे रहा है। पिछले 24 घंटे में जगदलपुर में 74.5 मिमी, कोंटा में 80 मिमी, तोंगपाल और छिंदगढ़ में 70-70 मिमी बारिश दर्ज की गई। सुकमा, दोरनापाल और बड़े बचेली में भी 50-50 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
आज किन इलाकों में अलर्ट?
25 सितंबर को रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बेमेतरा, कबीरधाम, महासमुंद, बालोद, धमतरी, गरियाबंद समेत मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी है। बस्तर संभाग के बीजापुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर और कोंडागांव में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।
प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में भी हल्की बारिश और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है।
26-27 सितंबर को भी राहत नहीं
IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 26 और 27 सितंबर को भी छत्तीसगढ़ में गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। 28 सितंबर से प्रदेश के लिए कोई बड़ी चेतावनी नहीं है। यानी अगले दो दिन मौसम सक्रिय रहने के बाद बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में हो रही इस बारिश के पीछे बंगाल की खाड़ी से बने डीप डिप्रेशन का बड़ा योगदान है। सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ प्रदेश में नमी का प्रवाह बढ़ा, जिसके कारण रायपुर समेत मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में बारिश तेज हुई है।