सक्ती। वेदांता पावर लिमिटेड, सिंघीतराई (तहसील डभरा) में 14 अप्रैल 2026 को हुए भीषण हादसे को लेकर जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने इस घटना की जांच के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) डभरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
प्रशासन के मुताबिक, प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप से जुड़ी वाटर सप्लाई पाइप के ज्वाइंट में तकनीकी खराबी के चलते यह हादसा हुआ, जिसमें कुल 34 श्रमिक प्रभावित हुए। इनमें से 12 श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि घायल श्रमिकों का इलाज रायगढ़ के विभिन्न अस्पतालों में जारी है।
जांच के दौरान घटना के कारण, जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान, सुरक्षा मानकों के पालन, निरीक्षण में पाई गई खामियों और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के उपायों की विस्तृत जांच की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि हादसा तकनीकी वजह से हुआ या मानवीय लापरवाही के कारण।
जिला प्रशासन ने जांच अधिकारी को 30 दिनों के भीतर पूरी जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

आपको बता दे कि छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में कल दोपहर करीब 2:30 बजे बॉयलर फटने से भीषण हादसा हो गया। इस घटना में 14 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 24 से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों का इलाज जारी है।
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी घटना पर दुख जताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5.5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है।
इसके अलावा प्लांट प्रबंधन की ओर से भी मृतकों के परिजनों को 35 लाख रुपये और घायलों को 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।