रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ने की तैयारी में है। प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश का दौर चल रहा है, लेकिन अब बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया मौसम सिस्टम बारिश की गतिविधियों को और बढ़ा सकता है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके प्रभाव से 12 अगस्त के आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। सिस्टम के विकसित होने के बाद इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना रहेगी, जिससे मध्य भारत सहित छत्तीसगढ़ में मानसूनी गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
राष्ट्रीय मौसम अपडेट के अनुसार 11 से 17 अगस्त के दौरान देश के मध्य और पूर्वी हिस्सों में बारिश का दौर सक्रिय रह सकता है। कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना भी जताई गई है।
अगले कुछ दिन छत्तीसगढ़ के लिए अहम
छत्तीसगढ़ में अगले चार दिनों के दौरान खासकर उत्तरी और मध्य हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। मौसम के इस बदलाव से तापमान में भी कुछ गिरावट आने की उम्मीद है।
हालांकि बारिश पूरे प्रदेश में एक समान नहीं होगी। कुछ जिलों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि दूसरे इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की स्थिति बन सकती है।
रायपुर में भी बादलों का डेरा
राजधानी रायपुर में बुधवार को मौसम बदला-बदला रहने की संभावना है। आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और गरज-चमक के साथ बारिश के कुछ दौर देखने को मिल सकते हैं। दिन के तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।
बारिश होने पर शहर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है, इसलिए स्थानीय स्तर पर मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।
बिलासपुर में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। बिलासपुर जिले के बोदरी में 7 सेंटीमीटर बारिश दर्ज हुई। बिलासपुर, सकरी और पथरिया में 5-5 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा कुमरदा, दुलदुला, मरीन बंगला देवरी, गोबरा नवापारा और तखतपुर में 4-4 सेंटीमीटर बारिश हुई। बैकुंठपुर, डोंडीलोहारा, बिल्हा, लालपुर थाना, कोटा और मुंगेली में 3-3 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।
प्रदेश के कई अन्य इलाकों में भी 1 से 2 सेंटीमीटर तक बारिश हुई, जिससे मानसून की सक्रियता का असर अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई दिया।
तापमान में भी बदलाव के संकेत
बारिश और बादलों की वजह से प्रदेश के तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। मंगलवार को जगदलपुर और दुर्ग में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा में न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
प्रदेश में अब तक मौसमी बारिश सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम बताई जा रही है। ऐसे में बंगाल की खाड़ी से बनने वाला नया सिस्टम छत्तीसगढ़ के लिए खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्यों खास है बंगाल की खाड़ी का सिस्टम?
मानसून के दौरान बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव क्षेत्र पूर्वी और मध्य भारत में बारिश के प्रमुख सिस्टम में शामिल होते हैं। जब ऐसा सिस्टम पश्चिम की ओर बढ़ता है तो ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश समेत आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
फिलहाल सिस्टम बनने की प्रक्रिया पर मौसम विभाग की नजर है। इसके मजबूत होने और आगे बढ़ने की दिशा के आधार पर छत्तीसगढ़ में बारिश की तीव्रता का अनुमान और स्पष्ट होगा।
मौसम का सार
अगले 4 दिन: बारिश की गतिविधि बढ़ने के आसार
कई इलाकों में: गरज-चमक के साथ बारिश
बंगाल की खाड़ी: नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना
सबसे ज्यादा हालिया बारिश: बोदरी, बिलासपुर—7 सेमी
तापमान: बादल और बारिश के कारण बड़े बदलाव की संभावना कम