कोरबा। छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी कोरबा में अवैध फ्लाई ऐश (राखड़) डंपिंग के मामले में पर्यावरण संरक्षण मंडल ने बड़ी कार्रवाई की है। NTPC पर 90 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई है। यह कार्रवाई शासकीय भूमि पर निर्धारित स्थान के बजाय खुले में फ्लाई ऐश डंप किए जाने के मामले में की गई है।
धनरास राखड़ बांध से लाई जा रही थी राख
जानकारी के मुताबिक, NTPC के धनरास स्थित राखड़ बांध से फ्लाई ऐश लेकर निकले वाहन निर्धारित स्थान पर राख पहुंचाने के बजाय छुरीखुर्द के पास एक सब-स्टेशन के आसपास राख डंप कर रहे थे। 31 अगस्त की रात पर्यावरण संरक्षण मंडल को इसकी सूचना मिली, जिसके बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की।

जांच के दौरान राख से लदी चार गाड़ियां मौके पर मिलीं। अधिकारियों के मुताबिक, यहां करीब 6 हजार टन फ्लाई ऐश डंप किए जाने का अनुमान है।
6 हजार टन राख के हिसाब से 90 लाख की क्षतिपूर्ति
पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी प्रसन्ना सोनकर ने बताया कि यह राख NHAI के अभनपुर क्षेत्र में निर्धारित कार्य के लिए भेजी जानी थी, लेकिन इसे निर्धारित स्थान पर ले जाने के बजाय छुरी में डंप किया जा रहा था। जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर राख की अनुमानित मात्रा के आधार पर 90 लाख रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति निर्धारित की गई।
अवैध डंपिंग पर सख्त रुख
फ्लाई ऐश के अनधिकृत डंपिंग से आसपास की जमीन, हवा और जल स्रोतों पर प्रदूषण का खतरा रहता है। पर्यावरण संरक्षण मंडल ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।