रायपुर: देशभर में 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया। इसी बीच छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। वायरल वीडियो में अजय चंद्राकर भाजपा का झंडा फहराते नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो को 15 अगस्त के कार्यक्रम से जोड़ते हुए दावा किया गया कि स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे की जगह भाजपा का झंडा फहराया गया।

हालांकि, अजय चंद्राकर ने इस दावे को खारिज करते हुए वायरल वीडियो को पुराना बताया है। उनके मुताबिक, यह वीडियो 22 मार्च 2026 को कुरुद में आयोजित भाजपा के प्रशिक्षण शिविर का है और इसका 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह से कोई संबंध नहीं है।
अजय चंद्राकर ने दी सफाई
वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि 15 अगस्त को उन्हें शासन की ओर से धमतरी में ध्वजारोहण कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि बनाया गया था। उनके मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस समारोह में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए तिरंगा फहराया गया।
उन्होंने कहा कि पुराने वीडियो को सोशल मीडिया पर इस तरह प्रसारित किया गया, जिससे लोगों के बीच यह भ्रम पैदा हो कि 15 अगस्त को भाजपा का झंडा फहराया गया था। चंद्राकर ने कहा कि वायरल वीडियो की वास्तविक तारीख और कार्यक्रम की पुष्टि प्रशासन से की जा सकती है।
कांग्रेस पर लगाया राष्ट्रीय पर्व के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप
अजय चंद्राकर ने वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने को लेकर कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने वीडियो को स्वतंत्रता दिवस से जोड़कर राष्ट्रीय पर्व को राजनीतिक विवाद में बदलने की कोशिश की गई।
चंद्राकर ने कहा कि राष्ट्रीय पर्व का राजनीतिक इस्तेमाल करना आपत्तिजनक है और इस मामले में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित कांग्रेस नेताओं से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग भी की।
कांग्रेस नेताओं के खिलाफ FIR की शिकायत
वायरल वीडियो को लेकर भाजपा पदाधिकारियों की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई कांग्रेस नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात सामने आई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 15 अगस्त 2026 को कांग्रेस के इंस्टाग्राम पेज से एक पोस्ट साझा की गई, जिसमें अजय चंद्राकर को भाजपा का झंडा फहराते हुए दिखाया गया और वीडियो को स्वतंत्रता दिवस से जोड़कर पेश किया गया।
शिकायत के मुताबिक, संबंधित वीडियो 22 मार्च 2026 को कुरुद में आयोजित भाजपा प्रशिक्षण अभियान का है। भाजपा पदाधिकारियों ने इसे भ्रामक जानकारी बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

15 अगस्त के कार्यक्रम को लेकर क्या है दावा?
अजय चंद्राकर के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस के दिन धमतरी में शासन के निर्धारित निर्देशों और प्रोटोकॉल के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया था और वहां तिरंगा फहराया गया। ऐसे में वायरल वीडियो और 15 अगस्त के ध्वजारोहण कार्यक्रम को अलग-अलग घटनाएं बताया जा रहा है।
फिलहाल वायरल वीडियो की तारीख और उसके सोशल मीडिया पर किए गए दावे को लेकर दोनों राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी है। मामले में दर्ज शिकायत और प्रशासनिक स्तर पर उपलब्ध रिकॉर्ड से पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।