रायपुर। योगगुरु बाबा रामदेव सोमवार को रायपुर पहुंचे। भोपाल से देहरादून जाने के दौरान देहरादून में खराब मौसम के चलते उन्होंने रायपुर में रात्रि विश्राम किया। बाबा रामदेव मंगलवार सुबह देहरादून के लिए रवाना होंगे।

रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान बाबा रामदेव ने देश की सामाजिक, राजनीतिक और व्यवस्थागत स्थिति को लेकर कई अहम बयान दिए। उन्होंने कहा कि देश में न हिंदू खतरे में है, न मुसलमान, न क्षत्रिय और न ब्राह्मण। उन्होंने कहा कि असल चिंता भारतीय बचपन, देश की जवानी, वर्तमान और भविष्य को लेकर है।
‘कुछ लोग बच्चों का इस्तेमाल आंदोलनों के लिए कर रहे’
बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ लोग देश के बच्चों का इस्तेमाल आंदोलनों के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए होना चाहिए। देश की शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था पर भी उन्होंने गंभीर सवाल उठाए और शिक्षा के व्यवसायीकरण को गलत बताया।
‘केवल एक PM देश को ठीक कर देंगे, यह अपेक्षा उचित नहीं’
देश की व्यवस्थाओं को लेकर बाबा रामदेव ने कहा कि केवल एक प्रधानमंत्री के भरोसे देश की सभी समस्याओं का समाधान होने की अपेक्षा उचित नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी नीतियों से देश में बहुत कुछ अच्छा हुआ है, लेकिन यह कहना भी गलत होगा कि देश में सब कुछ अच्छा है।
उन्होंने कहा कि देश की समस्याओं को हमेशा न्यायपूर्ण दृष्टि से देखने की जरूरत है। समस्या केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण समेत कई अन्य मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं।
शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
बाबा रामदेव ने शिक्षा के व्यवसायीकरण को खराब बताते हुए कहा कि शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकारी तंत्र से लाभ लेने वाले लोगों को भी व्यवस्था सुधारने में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं में सुधार केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के सभी लोगों को मिलकर इसके लिए पुरुषार्थ करना होगा।
‘वंदे मातरम् पर राजनीति नहीं होनी चाहिए’
राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर देश में चल रही सियासत पर बाबा रामदेव ने कहा कि उन्होंने संबंधित वीडियो अभी तक नहीं देखा है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् देश की एकता और अखंडता से जुड़ा विषय है और इस मुद्दे पर सभी को एक होना चाहिए।
बाबा रामदेव ने कहा कि राष्ट्रहित और राष्ट्रधर्म सर्वोपरि है और ऐसे विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।