रायपुर। राजधानी रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में नाबालिग बेटी से दुष्कर्म, उसकी पहचान और उम्र छिपाकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने तथा अस्पताल में प्रसव कराने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में पीड़िता के पिता और बुआ समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2023 में पीड़िता के पिता ने अमलीडीह स्थित एक रिश्तेदार के घर में उसे जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म किया। आरोप है कि इसके बाद वह लगातार उसका शोषण करता रहा। पीड़िता गर्भवती हुई, लेकिन डर के कारण उसने किसी को इसकी जानकारी नहीं दी।
बुआ को बताई गर्भवती होने की बात
पीड़िता ने जब अपनी बुआ को गर्भवती होने की जानकारी दी तो मामला उसके पिता तक पहुंचा। पुलिस के अनुसार, पिता गर्भपात की दवा लेकर आया और बुआ की मदद से पीड़िता को दवा खिलाई गई। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई, जिससे गर्भपात हो गया।
इसके कुछ समय बाद पिता पर दोबारा दुष्कर्म करने का आरोप है। वर्ष 2025 में पीड़िता फिर गर्भवती हो गई।
दो महिलाओं के घर रखकर छिपाई पहचान
पुलिस के मुताबिक, गर्भवती होने की जानकारी सामने आने के बाद पिता पीड़िता को एक महिला के घर लेकर गया। वहां से उसे दूसरी महिला के घर भेज दिया गया, जहां वह करीब दो महीने तक रही।
आरोप है कि इसी दौरान उसकी वास्तविक उम्र छिपाकर उसे बालिग और विवाहित बताया गया। कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे रायपुर के डंगनिया स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन के जरिए उसने बेटे को जन्म दिया।
नवजात को दूसरे व्यक्ति को सौंपने का आरोप
पुलिस के अनुसार, बच्चे के जन्म के बाद नवजात को पीड़िता के पिता और अन्य आरोपियों की मौजूदगी में एक दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया गया। इस दौरान पीड़िता से कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए।
पुलिस का कहना है कि पीड़िता ने डर और दबाव में इन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। प्रसव के बाद उसे करीब 15 दिन तक महिला के घर रखा गया, जिसके बाद पिता उसे वापस अपने घर ले गया।
17 अगस्त को थाने पहुंची पीड़िता
पीड़िता ने 17 अगस्त 2026 को न्यू राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने जांच शुरू की और मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में पीड़िता का पिता, उसकी बुआ, रोहित कुमार राय (35), करण नगर चंगोराभांठा, साहेब मंडल (42), ऋषभ नगर, योगिता राय उर्फ गीता राय (32), करण नगर चंगोराभांठा और बरखा वर्मा उर्फ वर्षा मंडल (34), ऋषभ नगर शामिल हैं।
BNS, पॉक्सो और किशोर न्याय अधिनियम के तहत केस
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 64(2)(एफ), 65, 336, 337, 61(2), 351(2), 115(2), 89 और 3(5), पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2), 5(एन), 6 तथा किशोर न्याय अधिनियम की धारा 81 के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने 2 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। अब फर्जी दस्तावेज तैयार करने, अस्पताल में भर्ती कराने, पीड़िता की उम्र और पहचान छिपाने तथा नवजात को दूसरे व्यक्ति को सौंपने से जुड़े पूरे मामले की जांच की जा रही है।