रायपुर। छत्तीसगढ़ की इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में एक बार फिर पेपर लीक का मामला सामने आया है। इस बार बीएससी प्रथम वर्ष के ‘फंडामेंटल ऑफ जेनेटिक्स’ विषय के प्रश्न-पत्र के लीक होने का दावा किया जा रहा है। इसे विश्वविद्यालय में सामने आया तीसरा पेपर लीक मामला बताया जा रहा है। लगातार ऐसे मामले सामने आने से विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के मुताबिक, 19 अगस्त को सुबह 10 बजे जेनेटिक्स की परीक्षा निर्धारित थी। आरोप है कि परीक्षा शुरू होने से करीब छह घंटे पहले, सुबह 4 बजे ही प्रश्न-पत्र बाहर आ गया था। दावा यह भी है कि वायरल हुए प्रश्न-पत्र में मौजूद सभी सवाल परीक्षा में हूबहू पूछे गए। हालांकि, पूरे मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मामले की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पेपर लीक जैसे मामलों में जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
विश्वविद्यालय ने पुलिस को दी सूचना

IGKV के कुलसचिव कपिलदेव दीपक के मुताबिक, मामले की जानकारी मिलते ही विश्वविद्यालय प्रबंधन ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। डायरेक्टर ऑफ इंस्ट्रक्शन को थाने भेजकर पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय स्तर पर भी आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।

अब जांच के बाद ही पता चलेगा कि प्रश्न-पत्र कहां से लीक हुआ और इसमें विश्वविद्यालय से जुड़े किन लोगों की भूमिका रही। लगातार तीसरे पेपर लीक की खबर से छात्रों में नाराजगी है और वे दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई के साथ परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।
