मुंबई। गैर-मराठी ऑटो-रिक्शा चालकों के एक वर्ग की हड़ताल से सोमवार सुबह मुंबई की परिवहन व्यवस्था प्रभावित रही। पश्चिमी उपनगरों में इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिला, जहां ऑफिस जाने वाले लोगों, छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे स्टेशन और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई इलाकों में ऑटो की भारी कमी
अंधेरी, जोगेश्वरी, गोरेगांव, कांदिवली, बोरीवली और जुहू समेत पश्चिमी उपनगरों में ऑटो की कमी रही। वहीं पूर्वी उपनगरों के कुर्ला, घाटकोपर, भांडुप और मुलुंड में भी हड़ताल का असर दिखाई दिया। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारी ड्राइवरों ने सड़क पर ऑटो रोककर विरोध किया, जिससे यात्रियों के लिए फीडर सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
मराठी भाषा की अनिवार्यता को लेकर विरोध
हड़ताल की मुख्य वजह ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा के कामकाजी ज्ञान की अनिवार्यता को लेकर नाराजगी है। 20 अगस्त से ऑन-रोड भाषा परीक्षण शुरू किए गए हैं। परीक्षण में निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरने वाले चालकों को अनुपालन के लिए नोटिस दिए जा रहे हैं।
परिवहन अधिकारियों का कहना है कि महाराष्ट्र मोटर वाहन नियमों के तहत मराठी का कामकाजी ज्ञान अनिवार्य है और कार्रवाई नियमों के अनुसार ही की जा रही है।
तीन दिन तक जारी रह सकती है हड़ताल
ड्राइवरों के एक समूह ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों और चिंताओं का समाधान नहीं हुआ तो हड़ताल तीन दिनों तक जारी रह सकती है। कांदिवली में कुछ ड्राइवरों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन करने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, यातायात की आवाजाही जारी रही और करीब 7-8 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
सीएम फडणवीस ने दिया राहत का संकेत
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि महायुति सरकार ऑटो और टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए अधिक समय देने को तैयार है। वहीं शिवसेना के पूर्व सांसद संजय निरुपम ने आरोप लगाया कि कुछ चालकों पर 25 हजार रुपये तक जुर्माना लगाने की शिकायतें मिली हैं।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि यदि किसी आरटीओ अधिकारी ने निर्धारित एक महीने की अवधि पूरी होने से पहले गलत तरीके से जुर्माना लगाया है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
BEST सेवा पर भी बढ़ा दबाव
मुंबई में पहले से ही BEST बसों की संख्या और कई मार्गों पर सेवा की आवृत्ति को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे में ऑटो-टैक्सी हड़ताल से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है।